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“ऑप्टोमेट्री कोर्स की जानकारी: एडमिशन, फीस, अवधि, सिलेबस और योग्यता”

ऑप्टोमेट्री कोर्स आंखों के स्वास्थ्य, दृष्टि देखभाल और दृष्टि संबंधी विकारों के निदान एवं प्रबंधन के अध्ययन पर केंद्रित होता है।
यह कोर्स छात्रों को नेत्र विशेषज्ञ (Optometrist) बनने के लिए प्रशिक्षित करता है, ताकि वे नेत्र परीक्षण कर सकें, दृष्टि सुधारने के लिए चश्मे या लेंस लिख सकें और आंखों की बीमारियों का पता लगा सकें।
ऑप्टोमेट्री कोर्स स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG), पीएचडी (PhD), डिप्लोमा और सर्टिफिकेट स्तर पर उपलब्ध हैं।

ऑप्टोमेट्री क्या है?"

ऑप्टोमेट्रिस्ट प्राथमिक नेत्र देखभाल विशेषज्ञ होते हैं, जो दृष्टि तंत्र, आंखों और उनसे जुड़ी संरचनाओं की जांच, निदान, उपचार और प्रबंधन करते हैं।
वे आंखों से संबंधित रोगों के साथ-साथ शरीर की अन्य बीमारियों के संकेतों की भी पहचान करते हैं।
ऑप्टोमेट्रिस्ट चश्मा, कॉन्टैक्ट लेंस, लो विज़न एड्स (कम दृष्टि वाले उपकरण) निर्धारित करते हैं और विजन थेरेपी प्रदान करते हैं ताकि रोगी की दृष्टि बेहतर हो सके।

ऑप्टोमेट्री कोर्स से जुड़ी सभी जानकारी"

ऑप्टोमेट्री कोर्स ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम हैं जो छात्रों को ऑप्टोमेट्रिस्ट बनने के लिए प्रशिक्षित करते हैं।
ऑप्टोमेट्रिस्ट प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर होते हैं जो आंखों और दृष्टि तंत्र से जुड़ी बीमारियों और विकारों की जांच, निदान, उपचार और प्रबंधन में विशेषज्ञता रखते हैं।

नीचे दी गई तालिका में ऑप्टोमेट्री कोर्स के मुख्य बिंदुओं की जानकारी दी गई है 👇


📘 ऑप्टोमेट्री कोर्स की मुख्य जानकारियाँ

विवरणऑप्टोमेट्री कोर्स की जानकारी
कोर्स स्तर (Course Level)स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) और पीएचडी (PhD)
कोर्स अवधि (Course Duration)2 से 4 वर्ष
प्रवेश प्रक्रिया (Admission Criteria)UG: मेरिट आधारित / प्रवेश परीक्षा आधारित
PG: प्रवेश परीक्षा आधारित
डिप्लोमा: मेरिट आधारित
सर्टिफिकेट: मेरिट आधारित
पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)UG: कक्षा 12वीं (विज्ञान संकाय – फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी)
PG: बी.ऑप्टोम (B.Optom) या बीएससी ऑप्टोमेट्री जैसी स्नातक डिग्री
PhD: ऑप्टोमेट्री या संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान में परास्नातक डिग्री
डिप्लोमा: मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 या समकक्ष परीक्षा
सर्टिफिकेट: कक्षा 10वीं या 12वीं उत्तीर्ण
कोर्स शुल्क (Course Fees)₹649 – ₹3.6 लाख (संस्थान के अनुसार)
प्रवेश परीक्षा (Entrance Exams)UG: CUET
PG: CUET-PG
लोकप्रिय कॉलेज (Popular Colleges)क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, AIIMS दिल्ली, जामिया हमदर्द, JIPMER पुडुचेरी, TMU
जॉब प्रोफाइल (Job Profiles)ऑप्टोमेट्रिस्ट, क्लिनिकल ऑप्टोमेट्रिस्ट, पीडियाट्रिक ऑप्टोमेट्रिस्ट, कॉन्टैक्ट लेंस स्पेशलिस्ट, लो विजन स्पेशलिस्ट आदि
औसत वेतन (Average Salary)₹4.6 लाख से ₹6 लाख प्रति वर्ष
शीर्ष भर्तीकर्ता (Top Recruiters)टाइटन आई प्लस, ऑप्टम, फर्स्ट स्टूडेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज़, डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल, आईकेयर सेंटर ऑप्टोमेट्रिस्ट आदि

"प्रवेश के लिए पात्रता

🎓 प्रथम वर्ष में प्रवेश (Admission in First Year)

वे विद्यार्थी जो किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं और 12वीं की उच्च माध्यमिक परीक्षा न्यूनतम 60% अंकों के साथ उत्तीर्ण कर चुके हैं, और विज्ञान संकाय (Science Stream) से जीवविज्ञान (Biology) विषय के छात्र हैं, वे इस कोर्स में प्रथम वर्ष के प्रवेश के लिए पात्र हैं।


🧾 लेटरल एंट्री (Lateral Entry)

जो विद्यार्थी IOA/OCI द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से डिप्लोमा धारक हैं, वे लेटरल एंट्री के माध्यम से प्रवेश ले सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, जिन छात्रों ने किसी प्रतिष्ठित अस्पताल से दो वर्ष का ऑप्थैल्मिक असिस्टेंट कोर्स पूरा किया है और कम से कम दो वर्ष का क्लिनिकल अनुभव रखते हैं, वे भी पात्र हैं।
उन्हें अपने अध्ययन किए गए कोर्स का ट्रांसक्रिप्ट (Transcript) प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।

ऑप्टोमेट्री कोर्स एडमिशन 2025"

नीचे भारत में ऑप्टोमेट्री कोर्स एडमिशन प्रक्रिया की एक सामान्य रूपरेखा दी गई है 👇

🧾 पात्रता (Eligibility)

उम्मीदवार ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 (इंटरमीडिएट) परीक्षा भौतिकी (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry) और जीवविज्ञान (Biology) या गणित (Mathematics) विषयों के साथ उत्तीर्ण की हो।

🏫 मेरिट आधारित प्रवेश (Merit-Based Admission)

जो संस्थान ऑप्टोमेट्री कोर्स प्रदान करते हैं, उनमें सीधे आवेदन किया जा सकता है।
प्रवेश कक्षा 12वीं के अंकों (Merit List) के आधार पर किया जाता है।

🧠 प्रवेश परीक्षा आधारित प्रवेश (Entrance-Based Admission)

कुछ विश्वविद्यालय और कॉलेज संस्थान स्तर या राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाएँ, जैसे NEET या विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षा, के माध्यम से प्रवेश प्रदान करते हैं।

📝 आवेदन प्रक्रिया (Application Process)

उम्मीदवार को ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन फॉर्म भरना होता है और आवश्यक दस्तावेज़ — जैसे शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पहचान पत्र आदि — संलग्न करने होते हैं।

💬 काउंसलिंग और सीट आवंटन (Counselling and Seat Allotment)

यदि प्रवेश परीक्षा के माध्यम से चयन होता है, तो उम्मीदवार को काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेना होता है ताकि सीट आवंटन (Seat Allotment) सुनिश्चित हो सके।

अंतिम प्रवेश (Final Admission)

चयनित उम्मीदवार को फीस जमा कर और दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रिया पूरी करके अपनी सीट की पुष्टि करनी होती है।

ऑप्टोमेट्री कोर्स क्यों चुनें?"

बीएससी ऑप्टोमेट्री (BSc Optometry) कोर्स स्नातकों के लिए करियर के अनेक अवसरों के द्वार खोलता है।
इस कोर्स को पूरा करने के बाद विद्यार्थी प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल (Primary Healthcare), कॉरपोरेट सेक्टर, सरकारी संस्थान (Public Sector) या अनुसंधान (Research) और शैक्षणिक क्षेत्र (Academics) में कार्य कर सकते हैं।

पहले ऑप्टोमेट्री का क्षेत्र केवल चश्मे फिट करने तक सीमित था, लेकिन आज ऑप्टोमेट्रिस्ट आंखों की बीमारियों की जांच और पहचान भी करते हैं।
चश्मा प्रदान करने के अलावा, ऑप्टोमेट्रिस्ट अब कॉन्टैक्ट लेंस, लो विज़न एड्स (Low Vision Aids) और अन्य सुधारात्मक उपकरण (Corrective Devices) भी उपलब्ध कराते हैं।

ऑप्टोमेट्रिस्ट अक्सर वे पहले पेशेवर होते हैं जो मधुमेह (Diabetes) या धमनीकाठिन्य (Arteriosclerosis) जैसी बीमारियों के कारण आंखों में होने वाले बदलावों को पहचानते हैं। इससे बीमारियों का प्रारंभिक निदान और उपचार (Early Diagnosis & Treatment) संभव हो पाता है।

आज के समय में नेत्र रोग विशेषज्ञ (Ophthalmologists) और ऑप्टोमेट्रिस्ट मिलकर एक टीम के रूप में कार्य करते हैं।
ऑप्टोमेट्री के विद्यार्थी जनरल प्रैक्टिस (General Practice) के साथ-साथ विशेष क्षेत्रों जैसे —
कॉन्टैक्ट लेंस, विजन थेरेपी, ऑर्थोप्टिक्स (Orthoptics), लर्निंग डिसएबिलिटी, पीडियाट्रिक्स (बाल नेत्र देखभाल) और ऑक्यूपेशनल विजन (Occupational Vision) में विशेषज्ञता प्राप्त कर सकते हैं।

भारत में ऑप्टोमेट्री का क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, क्योंकि देश में दृष्टि संबंधी समस्याएँ (Vision Problems), विशेषकर मायोपिया (Myopia) जैसी रिफ्रेक्टिव एरर (Refractory Issues), लगातार बढ़ रही हैं।
अध्ययनों के अनुसार, भारत में 5 से 15 वर्ष की आयु के हर 6 में से 1 बच्चा मायोपिया से पीड़ित है।

इन बढ़ती नेत्र समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए भारत को अधिक प्रशिक्षित नेत्र रोग विशेषज्ञ (Ophthalmologists), ऑप्टोमेट्रिस्ट (Optometrists) और ऑप्टिशियन (Opticians) की आवश्यकता है।

"ऑप्टोमेट्री कोर्स के प्रकार

🎓 बैचलर ऑफ साइंस इन ऑप्टोमेट्री (B.Sc Optometry)

अवधि (Duration): सामान्यतः 3 से 4 वर्ष, जिसमें अनिवार्य इंटर्नशिप अवधि शामिल होती है।
पात्रता (Eligibility): उम्मीदवार ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 परीक्षा (इंटरमीडिएट) में भौतिकी (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry) और जीवविज्ञान (Biology) या गणित (Mathematics) विषयों के साथ उत्तीर्ण की हो।
कुछ संस्थान न्यूनतम अंकों (Minimum Percentage) की शर्त भी रखते हैं।


🎓 मास्टर ऑफ साइंस इन ऑप्टोमेट्री (M.Sc Optometry)

अवधि (Duration): सामान्यतः 2 वर्ष
पात्रता (Eligibility): उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बी.एससी. ऑप्टोमेट्री (B.Sc Optometry) या समकक्ष स्नातक डिग्री होनी चाहिए।
यह स्नातकोत्तर डिग्री (Postgraduate Degree) छात्रों को विशेषज्ञता (Specialisation) और उन्नत क्लिनिकल कौशल (Advanced Clinical Skills) विकसित करने का अवसर प्रदान करती है।


🎓 डिप्लोमा इन ऑप्टोमेट्री (Diploma in Optometry)

अवधि (Duration): सामान्यतः 2 वर्ष
पात्रता (Eligibility): उम्मीदवार ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 (किसी भी विषय में) उत्तीर्ण की हो।
हालांकि, विज्ञान संकाय (Science Stream) के छात्रों को प्राथमिकता दी जाती है।
यह कोर्स ऑप्टोमेट्रिस्ट की सहायता के लिए आवश्यक मूलभूत ज्ञान और व्यावहारिक कौशल (Foundational Knowledge & Practical Skills) प्रदान करता है।

"ऑप्टोमेट्री कोर्स का सिलेबस"

बी.एससी ऑप्टोमेट्री कोर्स आमतौर पर चार वर्षों का होता है, जिसमें प्रत्येक वर्ष दो सेमेस्टर में विभाजित होता है।
नीचे प्रत्येक वर्ष के सेमेस्टर के अनुसार विषयों का संक्षिप्त विवरण दिया गया है 👇


वर्ष (Year)सेमेस्टर (Semester)विषय (Subjects)
प्रथम वर्ष (First Year)सेमेस्टर – Iगद्य एवं संप्रेषण कौशल (Prose and Communication Skills), सामान्य शरीर रचना और शरीर क्रिया विज्ञान (General Anatomy and Physiology), सामान्य एवं नेत्र जैव रसायन (General and Ocular Biochemistry), ज्यामितीय प्रकाशिकी (Geometrical Optics), पोषण विज्ञान (Nutrition), कंप्यूटर की मूल बातें (Basics of Computers)
प्रथम वर्ष (First Year)सेमेस्टर – IIगद्य, विस्तृत पठन और संप्रेषण कौशल (Prose, Extensive Reading and Communication Skills), नेत्र शरीर रचना (Ocular Anatomy), नेत्र शरीर क्रिया विज्ञान (Ocular Physiology), भौतिक प्रकाशिकी (Physical Optics), सूक्ष्मजीव विज्ञान एवं विकृति विज्ञान (Microbiology & Pathology), पर्यावरण अध्ययन (Environmental Studies)
द्वितीय वर्ष (Second Year)सेमेस्टर – IIIसंप्रेषण कौशल (Communicative Skills), दृष्टि प्रकाशिकी (Visual Optics), नेत्र रोग – I (Ocular Disease I), ऑप्टोमेट्रिक उपकरण – I (Optometric Instruments I), सामान्य एवं नेत्र औषधि विज्ञान (General & Ocular Pharmacology), दृष्टि तंत्र की नैदानिक परीक्षा (Clinical Examination of the Visual System)
द्वितीय वर्ष (Second Year)सेमेस्टर – IVरोजगार कौशल (Employability Skills), ऑप्टोमेट्रिक प्रकाशिकी (Optometric Optics), नेत्र रोग – II (Ocular Diseases II), ऑप्टोमेट्रिक उपकरण – II (Optometric Instrumentation II), मूल्यवर्धित शिक्षा (Value-Added Education)
तृतीय वर्ष (Third Year)सेमेस्टर – Vकॉन्टैक्ट लेंस – I (Contact Lenses I), द्विनेत्री दृष्टि – I (Binocular Vision I), बाल एवं वृद्ध नेत्र विज्ञान (Pediatric & Geriatric Optometry), डिस्पेंसिंग ऑप्टिक्स (Dispensing Optics), जनस्वास्थ्य एवं सामुदायिक ऑप्टोमेट्री (Public Health & Community Optometry), जैव-सांख्यिकी (Biostatistics)
तृतीय वर्ष (Third Year)सेमेस्टर – VIकॉन्टैक्ट लेंस – II (Contact Lenses II), द्विनेत्री दृष्टि – II (Binocular Vision II), लो विज़न एड्स (Low Vision Aids), व्यावसायिक ऑप्टोमेट्री (Occupational Optometry), आंखों को प्रभावित करने वाले प्रणालीगत रोग (Systemic Diseases Affecting the Eye)
चतुर्थ वर्ष (Fourth Year)सेमेस्टर – VIIशोध परियोजना – I (Research Project I)
चतुर्थ वर्ष (Fourth Year)सेमेस्टर – VIIIशोध परियोजना – II (Research Project II)

"बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री प्रोग्राम के बाद करियर के अवसर"

बीएससी ऑप्टोमेट्री (B.Sc Optometry) कोर्स पूरा करने के बाद छात्र विभिन्न क्षेत्रों में अपना करियर बना सकते हैं। नीचे कुछ प्रमुख रोजगार विकल्प दिए गए हैं 👇

करियर विकल्प (Career Option)विवरण (Description)
प्राइवेट प्रैक्टिस (Private Practice)अपनी निजी क्लिनिक या ऑप्टोमेट्री प्रैक्टिस शुरू करके सीधे मरीजों को नेत्र देखभाल सेवाएँ प्रदान करना।
स्पेशियलिटी प्रैक्टिस (Specialty Practice)विजन थेरेपी, कॉन्टैक्ट लेंस, न्यूरो-ऑप्टोमेट्री और मायोपिया कंट्रोल क्लिनिक जैसी विशेष सेवाओं में विशेषज्ञता प्राप्त करना।
रिटेल/ऑप्टिकल सेटिंग (Retail/Optical Setting)लॉरेंस एंड मेयो, टाइटन आई+, लेंसकार्ट, स्पेक्स मेकर जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स में स्वतंत्र सलाहकार (Independent Consultant) के रूप में कार्य करना।
कॉरपोरेट सेक्टर (Corporate Sector)क्लिनिकल रिसर्च, आईवियर प्रोडक्ट डेवलपमेंट, और विज़न टेक्नोलॉजी से संबंधित उत्पादों के निर्माण में भाग लेना।
सरकारी नौकरियाँ (Government Jobs)सशस्त्र बलों (Armed Forces), सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र (Public Health Centres), UPHCS, और सरकारी अस्पतालों में नेत्र विशेषज्ञ के रूप में कार्य करना।
शैक्षणिक क्षेत्र (Academics)विश्वविद्यालय या कॉलेज में शिक्षक (Teacher) या मेंटॉर (Mentor) के रूप में ऑप्टोमेट्री छात्रों को प्रशिक्षण देना।
अनुसंधान क्षेत्र (Research)नेत्र विज्ञान और तकनीक (Ophthalmic Technology) के विकास के लिए अनुसंधान करना।
ऑप्टोमेट्रिक / ऑप्थैल्मोलॉजिक प्रोफेशनल सेटिंग (Optometric/Ophthalmologic Professional Settings)नेत्र रोग विशेषज्ञ (Ophthalmologist) के साथ मिलकर रोगियों का सह-प्रबंधन (Co-Management) करना।
प्रोफेशनल सर्विसेज (Professional Services)सरकारी संगठनों, विशेष खेल टीमों (Sports Teams) या अन्य संस्थानों को विशेष नेत्र देखभाल सेवाएँ प्रदान करना।

ऑप्टोमेट्री कोर्स की फीस"

भारत में ऑप्टोमेट्री कोर्स की फीस संस्थान के प्रकार (सरकारी या निजी), स्थान और प्रतिष्ठा के आधार पर काफी भिन्न होती है।

🏛️ सरकारी कॉलेज (Government Colleges):

सरकारी कॉलेजों में फीस अपेक्षाकृत कम होती है।
यह आमतौर पर ₹10,000 से ₹50,000 प्रति वर्ष के बीच होती है।

🏫 निजी कॉलेज (Private Colleges):

निजी संस्थानों में फीस अपेक्षाकृत अधिक होती है।
इनकी फीस ₹50,000 से ₹2,00,000 या उससे अधिक प्रति वर्ष तक हो सकती है।

📚 अन्य खर्चे (Additional Costs):

कोर्स फीस के अलावा छात्रों को होस्टल शुल्क, परीक्षा शुल्क, और अध्ययन सामग्री (Study Materials) जैसे अतिरिक्त खर्चों पर भी ध्यान देना चाहिए।

"निष्कर्ष"

भारत में नया बी.ऑप्टोम (B.Optom) प्रोग्राम शुरू करना नेत्र देखभाल और दृष्टि विज्ञान (Eye Care & Vision Science) के क्षेत्र में एक सफल और संतोषजनक करियर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यदि छात्र पात्रता मानदंड (Eligibility Requirements), प्रवेश प्रक्रिया (Admission Process), कोर्स संरचना (Course Structure) और फीस (Fees) की सही समझ रखते हैं, तो वे अपने शैक्षणिक सफर (Academic Journey) के लिए बेहतर निर्णय ले सकते हैं।

भारत में कुशल ऑप्टोमेट्रिस्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे बी.ऑप्टोम प्रोग्राम उन लोगों के लिए एक उत्तम विकल्प बन गया है जो दूसरों की दृष्टि सुधारने और नेत्र स्वास्थ्य बेहतर बनाने के लिए समर्पित हैं।

आज ही अपने सफर की शुरुआत करें और एक ऐसे भविष्य की तैयारी करें जहाँ आप लोगों के जीवन में सकारात्मक और सार्थक बदलाव लाएँ। 🌟

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